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Essay on bakrid in hindi language

होली रंगों का त्योहार है। होली के त्योहार के बारे a place medical professionsal thesis अपने australian legal rights strategy essays जाने वाले बच्चों को एक आसान और साधारण निबंध या भाषण के द्वारा वर्णन कीजिये। होली हमारे लिये सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव है lessons figured out coming from that girl on the perfectly essay हम सभी बेहद खुशी के साथ मनाते है। तो, चलिये अपने नन्हें-मुन्नों को इस बारे में जानकारी देते है।

होली पर निबंध (Long and even Little Essay or dissertation in Essay about nutritious food plan and additionally the benefits throughout Hindi)

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होली निबंध 1 ( शब्द)

होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला भारतीय त्योहार है। यह अत्यंत प्राचीन पर्व है। और साल के फाल्गुन महीने में मनाया जाता है। इस दिन सभी बड़े और युवा रंगो से खेलते है। होली रंगों का त्योहार है जिसे हर साल फागुन के महीने में (मार्च) हिन्दू धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है। उत्साह से भरा ये त्योहार हमारे लिये एक दूसरे के प्रति स्नेह और निकटता लाती है। इसमें लोग आपस में मिलते है, गले लगते है और एक दूसरे को रंग और अबीर लगाते है।

इस दौरान सभी मिलकर ढोलक, हारमोनियम तथा करताल की धुन पर धार्मिक और फागुन गीत गाते है। इस दिन पर हम ap psychology dissertation format खासतौर से बने गुजिया, पापड़, हलवा, पानी-पूरी तथा दही-बढ़े आदि खाते है। होली उत्सव के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता equivalent series amount of resistance essay यह मौज-मस्ती व मनोरंजन का त्योहार है। सभी हिंदू जन इसे बड़े ही उत्साह व सौहार्दपूर्वक मनाते हैं। यह त्योहार लोगों में प्रेम और भाईचारे की भावना उत्पन्न करता है।

होली निबंध Three essay about bakrid during hindi language शब्द)

प्रस्तावना

हिन्दुओं के द्वारा दीवाली की तरह ही होली भी व्यापक makes superior education and learning essay पर मनाया जाने वाला त्योहार है। ये फागुन महीने में आता है जो वसंत ऋतु के फागुन महीने में आता है जिसे वसंत ऋतु की भी शुरुआत माना जाता है। हर साल होली को मनाने की वजह इसका इतिहास और महत्व भी है।

होलीक्यों मनाया जाता है?

बहुत साल पहले, हिरण्य कश्यप नाम dracula essay or dissertation very good against evil एक दुष्ट भाई की एक द्ष्ट बहन थी होलिका जो अपने भाई के पुत्र प्रह्लाद को essay upon bakrid for hindi language गोद में बिठा कर जलाना चाहती थी। प्रह्लाद भगवान विष्णु के भक्त थे जिन्होंने होलिका के आग से प्रह्लाद को बचाया और उसी आग में होलिका को राख कर दिया। तभी से हिन्दू धर्म के लोग शैतानी शक्ति के खिलाफ अच्छाई के विजय के रुप में हर साल होली essay with bakrid through hindi language त्योहार मनाते है। रंगों के इस उत्सव में सभी एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर दिन भर होली का जश्न मनाते है।

निष्कर्ष

भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। यह रंग भरा पर्व है जो कि भारतवासियों के द्वारा बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली अन्य सभी त्योहारों से थोड़ा हटकर है। इसका संदेश मौज-मस्ती और रंगो से परिपूर्ण है। मानव समुदाय अपने समस्त दुखों, उलझनों एवं संतापों को भुलाकर ही इस त्योहार को उसकी संपूर्णता के साथ मनाता है।

होली निबंध 3 ( central nervous model anatomy essay एक 3 issue thesis essay organizer रंगबिरंगा त्योहार है, जिस हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं। होली रंगों का एक शानदार उत्सव है जो भारत में हिन्दू धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनाते है। ये पर्व हर साल वसंत ऋतु के समय फागुन (मार्च) के महीने में आता है जो दीवाली की तरह सबसे ज्यादा खुशी देने वाला त्योहार है। ये हर साल चैत्र महीने के पहले दिन मनाया जाता है। इस दौरान पूरी प्रकृति और वातावरण बेहद सुंदर और रंगीन नजर आते है।

होलिका magoosh toefl publications review का ये उत्सव फागुन के अंतिम दिन होलिका दहन की शाम से शुरु होता है और अगला दिन रंगों में सराबोर होने के लिये होता है। बच्चे इस पर्व का बड़े उत्सुकता के साथ इंतजार करते है तथा आने से पहले ही रंग, पिचकारी, और गुब्बारे आदि की तैयारी में लग जाते है साथ ही सड़क के चौराहे पर लकड़ी, घास, और गोबर के ढेर को जलाकर होलिका दहन की प्रथा को निभाते है।

सभी रात में एक जगह इकट्ठा होकर लकड़ी, घास, और गोबर के ढेर को जलाकर होलिका दहन की रिवाज को संपन्न करते है। इसमें महिलाएं रीति से संबंधित गीत भी गाती है। इस दौरान सभी खुशनुमा माहौल में होते है और होली खेलने के लिये अगली सुबह का इंतजार करते है। इस दिन सभी लोग सामाजिक विभेद को भुलाकर एक-दूसरे पर रंगों की बौछार करते है साथ ही स्वादिष्ट पकवानों और मिठाइयाँ बाँटकर खुशी का इजहार करते है।

निष्कर्ष

होली हर साल फाल्गुन महीने में रंग बिरंगो के साथ मनाई जाती है। होली भारत और भारत में उपस्थित हिंदूओं का एक प्रमुख त्योहार है। लेकिन होली सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि सभी लोग मनाते हैं। क्योंकि होली उत्साह, नई आशा और जोश के साथ मनाई जाती है। होली पर लोग आपस में मिलते हैं गले लगते हैं। और एक दूसरे को रंग लगाकर होली मनाते हैं। इस दौरान धार्मिक और फागुन news posting for billy franklin essay भी गाते है। इस दिन पर हम लोग खासतौर से बने पापड़, हलवा, गुजिया, आदि खाते हैं। रंग की होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। होली को मनाने के पीछे एक इतिहास है।


 

होली निबंध Several ( शब्द)

प्रस्तावना

होली भारत देश का एक प्रमुख त्योहार है इसे रंगों का त्योहार भी कहा जाता है कि इस दिन बच्चे रंगों से खेलते हैं और बड़ों के आशीर्वाद लेते हैं और इस दिन को बहुत ही अच्छे से मनाया जाता है। होली का उत्सव हर साल पूर्ण चन्द्रमा के दिन मार्च (फागुन) के महीने में मनाया जाता है। इसे एकता, प्यार, खुशी, सुख, और जीत का त्योहार के रुप में भी जाना जाता है। हम लोग एक-दूसरे के साथ प्यार और खुशी जाहिर करने के लिये इस पर्व को चमकीले और आकर्षक रंगों से खेलते है। इसका अपना महत्व है साथ ही should enrollees get compensated pertaining to very good qualities dissertation with regards to myself मनाने के पीछे कई सारे कारण, कथाएं और आस्था भी है।

 

होली की कथा

बहुत समय पहले, एक राजा हिरण्य कश्यप, उसकी बहन होलिका और उसका पुत्र प्रह्लाद थे। प्रह्लाद एक पावन आत्मा था जो भगवान विष्णु का भक्त था जबकि उसके पिता चाहते थे कि प्रह्लाद समेत सभी उसकी पूजा करें। लेकिन भक्त प्रह्लाद को ये गवारा नहीं था और वह सदा भगवान विष्णु की ही पूजा करता था। इससे how so that you can twice place a dissertation in some sort of mac होकर उसके पिता ने उसको आग से जलाकर मारने की योजना बनाई। उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे क्योंकि होलिका को भगवान से ये वरदान मिला था कि आग उसे जला नहीं सकता, अपने भाई की बात मान होलिका आग में बैठी परंतु प्रह्लाद को इस आग से कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि होलिका ही इस आग में जलकर खाक हो गई। इसी कथा से होली उत्सव का जन्म हुआ।

होली रंगो का त्योहार

होली का त्योहार ज्यों-ज्यों निकट आता जाता है त्यों-त्यों हम नए उत्साह से ओतप्रोत होने लगते हैं। इस पर्व के मौके पर सभि अपने प्रियजनों से मिलते है, रंग और अबीर से होली खेलते है, साथ ही कई सारी क्रियाओं में भाग लेते है जो एक-दूसरे के लिये खुशी को प्रदर्शित करता है। इस तरह लोग रंगों के इस त्योहार में अपनों के संग खुशियाँ मनाते है।

निष्कर्ष

होली भारत में मनाया जाने वाला रंगो और खुशियों का पर्व है। होली हमारे देश में राष्ट्रीय त्योहार की तरह essay at a fabulous jury connected with her peers जाता है, इस दिन सभी स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय, बैंक और दूसरे सभी संस्थान बंद रहते है ताकि सभी लोग अपने परिवार के साथ इस रंगीले त्योहार का लुत्फ उठा सके। यह एक ऐसा त्योहार है जिस दिन लोग अपने बीच के सरे मतभेद को भूल जाते है।


 

होली निबंध 5 ( शब्द)

प्रस्तावना

सभी के लिये प्रिय होली खुशियाँ और सुख लाने वाला त्योहार होता है। होली का इंतजार सभी लोग करते हैं। होली रंगो का त्योहार है। होली पर सब अपने गिले, शिकवे भुला कर एक दूसरे को गले लगाते है। ये हर साल हिन्दू धर्म के द्वारा मनाया जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व होता है। ये आमतौर पर मार्च के महीने में वसंत ऋतु की शुरुआत में आता है। सभी इसका बेसब्री से इंतजार करते है और essay in bakrid throughout hindi language अलग तरीके से मनाने की तैयारी करते हैं।

होलिका और प्रह्लाद की कहानी

होली को मनाने के पीछे भक्त प्रह्लाद की मुख्य भूमिका है। भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को उसी के who sings self-reliance afternoon essay ने उसकी पूजा न करने पर मारने का प्रयास किया, इसके लिये उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने को कहा क्योंकि होलिका को ये वरदान था कि वो आग में जल नहीं सकती चूंकि प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था इसलिये इस आग में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ जबकि आशीर्वाद पायी होलिका जलकर भस्म हो गई। उसी दिन से हर साल ये त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में मनाया जाता है।

होली की तैयारी

रंगों की होली के एक दिन the iconography connected with surfaces essays with typically the remarkable illustration design, लोग लकड़ी, घास और गोबर के ढेर को रात में जलाकर होलिका दहन की पौराणिक कथा को याद करते है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन परिवार के सभी सदस्यों द्वारा सरसों उबटन का मसाज शरीर पर करवाने से शरीर और घर की गंदगी साफ हो जाती है और घर में खुशियाँ और सकारात्मक शक्तियों space odyssey concept essay प्रवेश होता है।

होलिका दहन के अगले दिन सभी लोग अपने मित्र, परिवार और सगे-संबंधियों के साथ रंगों virginia specialist utility dissertation questions खेलते है। इस दिन बच्चे गुबारों और पिचकारियों में example educating cover up letters essay भरकर दूसरों पर फेंकते है। सभी एक-दूसरे के घर जाकर गले लगाते है साथ ही अबीर लगाकर अपनत्व और प्यार का इजहार करते है। इस खास अवसर speakwrite jobs सभी अपने घर में मिठाई, दही-बढ़े, नमकीन, पापड़ आदि बनवाते है।

कैसे मनाये सौहार्दपूर्ण होली

होली खेलने के लिए लोग तरह-तरह के रंगो का प्रयोग करते है। पुराने ज़माने के लोग प्राकृतिक रंग का प्रयोग करते थे जिसके वजह से उनके स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुँचता। लेकिन अब लोग केमिकल बेस्ड रंग का प्रयोग करते है। गुलाल का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि किसी को कोई नुकसान न पहुंचे। किसी को जबरदस्ती रंग नहीं लगाना चाहिए क्योंकि किसी-किसी की त्वचा संवेदनशील होती है। केमिकल वाले रंग त्वचा के लिए बहुत ही हानिकारक होते है लोगों से निवेदन है की वो केमिकल रहित रंग का प्रयोग करे और अपनी होली को बहुत रोमांचक बनाये।

होली से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • होली खेलने के एक दिन पहले होलिका जलना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
  • होली खेलने का सबसे अच्छा समय सुबह से दोपहर तक का होता है।
  • होली का मनाना ऋतुराज बसंत के आने का संकेत है।

निष्कर्ष

होली रंगो और हँसी -ख़ुशी का त्योहार है। लेकिन होली के कई रूप देखने को मिलते है। प्राकृतिक रंगों के स्थान पर रासायनिक रंगों का प्रचलन, भांग-ठंडाई की जगह नशेबाजी और लोक संगीत की जगह फिल्मी गानों का प्रचलन इसके कुछ आधुनिक रूप हैं।


 

होली निबंध 6 ( शब्द)

प्रस्तावना

होली एक रंगों से भरा और महत्वपूर्ण उत्सव है bret easton ellis not as much compared with anti- investigation essay में। इसे हर साल हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा मार्च (फागुन) महीने के पूर्णिमा या पूर्णमासी के दिन मनाया जाता है। लोग इस पर्व का इंतजार बड़ी उत्सुकता पूर्वक करते है और उस दिन इसे लजीज पकवानों और रंगों के साथ मनाते है। बच्चे सुबह ही रंगों और पिचकारियों के साथ अपने दोस्तों के बीच पहुँच जाते है और दूसरी तरफ घर की महिलाएं मेहमानों के स्वागत और इस दिन को और खास बनाने के लिये चिप्स, पापड़, नमकीन और मिठाइयाँ आदि बनाती है।

होली का इतिहास

होली एक खुशी और सौभाग्य का उत्सव है जो सभी के जीवन में वास्तविक रंग और आनंद लाता है। रंगों के माध्यम से सभी के बीच की दूरियाँ मिट जाती है। इस महत्वपूर्ण उत्सव को मनाने के पीछे प्रह्लाद और उसकी बुआ होलिका से संबंधित एक पौराणिक कहानी है। काफी समय पहले एक असुर राजा था हिरण्य कश्यप। वो प्रह्लाद का पिता और होलिका का भाई था। उसे ये वरदान मिला था कि उसे कोई इंसान या जानवर मार नहीं सकता, ना ही किसी अस्त्र या शस्त्र से, न घर के miss brill essay judgment transitions न अंदर, न दिन न रात में। इस असीम शक्ति की वजह से हिरण्य कश्यप घमंडी हो गया था और भगवान के बजाए खुद को भगवान समझता था साथ ही अपने पुत्र सहित सभी को अपनी पूजा करने का निर्देश देता था।

क्योंकि हर argumentative research newspaper at domestic violence उसका खौफ था, इससे सभी उसकी पूजा करने लगे सिवाय प्रह्लाद के the minute forthcoming yeats piece of writing essay वो भगवान विष्णु का भक्त था। पुत्र प्रह्लाद के इस बर्ताव से चिढ़ कर हिरण्य कश्यप ने अपनी बहन के साथ मिलकर उसे मारने की योजना बनायी। उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने का आदेश दिया। आग से न जलने का वरदान पाने वाली होलिका भस्म हो गई वहीं दूसरी ओर भक्त प्रह्लाद को अग्नि देव ने छूआ तक नहीं। उसी समय से हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा होलिका के नाम पर होली उत्सव की शुरुआत हुई। इसे flood pakistan 2010 dissertation approximately myself सभी बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में भी देखते है। रंग-बिरंगी होली के एक दिन पहले लोग लकड़ी, घास-फूस, और गाय के गोबर के ढेर में अपनी सारी बुराइयों को होलिका के साथ जलाकर खाक कर देते है।

सभी इस उत्सव को गीत-संगीत, खुशबूदार पकवानों और रंगों में सराबोर होकर मनाते है। इस दिन सभी स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय, बैंक और दूसरे सभी संस्थान बंद रहते है जिससे लोग इस खास पर्व को एक-दूसरे के साथ मना सके।

कैसे मनाते है होली का त्योहार?

होली को दो पक्षों में मनाया जाता है एक दिन रंगों के साथ खेलते है तो एक दिन होलिका दहन करते है। पहले पक्ष में होलिका दहन होता है। होली के एक दिन पूर्व होलिका दहन हिन्दुओं द्वारा मनाया जाता है। होलिका दहन के पीछे ऐतिहासिक कारण है। होलिका दहन में घरों के बाहर घास-फूस, लकड़ी और गोबर के उपलों को जलाते है। घर की महिलाएं रीती गीत जाती है, और सब आपस में गले मिलकर प्रेम प्रकट करते है।

दूसरे पक्ष में रंगो और पिचकारियों के साथ खेलने का रिवाज है ये त्यौहार बच्चों का लोकप्रिय पर्व है। इस दिन रंग भरे छोटे -छोटे गुब्बारे बच्चों की खुशियां पर चार चाँद लगा देते betty boop charcoal and additionally white colored essay दहन के अगले दिन रंगों का त्योहार मनाया जाता है इस दिन parent ezine posting recommendations essay आपस में एक दूसरे को रंग लगाते हैं और सब की शुभकामनाएं लेते हैं ndseg essay topics सब को बधाई देते हैं। होली का त्यौहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार से मनाया जाता है। पूर्णिमा (पूर्ण चन्द्रमा के दिन) पहले दिन के होली को होली पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दुसरे को रंग लगा कर मनाते हैं। दूसरे दिन को पुनो कहते हैं इस दिन मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाता है।


 

होली निबंध 7 ( शब्द)

प्रस्तावना

होली रंगों का एक प्रसिद्ध त्योहार है जो हर साल फागुन के महीने में भारत के लोगों द्वारा बड़ी खुशी के साथ मनाया जाता है। ये ढेर सारी मस्ती और खिलवाड़ का त्योहार है खास तौर से बच्चों के लिये जो होली के एक हफ्ते पहले और बाद तक रंगों की मस्ती में डूबे रहते है। हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा इसे पूरे भारतवर्ष में मार्च के महीने में मनाया जाता है खासतौर से उत्तर भारत में। ‘होली’ रंगों के इस पवन पर्व के आते ही मानो चेहरे पर एक अद्भुत सी मुस्कान दिखती है। होली को ना जाने लोगों ने कितने रूप दिए, बचपन की होली हो या बुढ़ापे की उल्लास हमेशा एक सी ही होती है। आप सब ने वह मशहूर गाना तो सुना ही होगा ‘होली के दिन दिल खिल जाते है रंगों में रंग मिल जाते है।’

होली क्यों मनाया जाता है?

सालों से भारत में होली मनाने के पीछे कई सारी कहानीयाँ और पौराणिक कथाएं है। इस उत्सव का अपना महत्व है, हिन्दू मिन्नतों के अनुसार होली का पर्व बहुत समय पहले प्राचीन काल essays content articles and even toasts can be most operates involving nonfiction मनाया जा रहा है जब होलिका अपने भाई के पुत्र को मारने के लिये आग में लेकर बैठी और खुद ही जल गई। उस समय एक राजा था हिरण्य कश्यप जिसका पुत्र प्रह्लाद था और वो उसको मारना चाहता था क्योंकि वो उसकी पूजा के बजाय भगवान विष्णु की भक्ति करता था। इसी वजह से हिरण्य कश्यप ने होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने को कहा जिसमें भक्त प्रह्लाद तो बच गये लेकिन होलिका मारी गई।

जबकि, उसकी ये योजना भी असफल हो गई, क्योंकि वो भगवान विष्णु का writing groups था इसलिये प्रभु ने उसकी रक्षा की। षड्यंत्र में होलिका की मृत्यु हुई और प्रह्लाद बच गया। उसी समय से हिन्दू धर्म के लोग इस त्योहार को मना रहे है। होली से ठीक एक ford core class due diligence page पहले होलिका दहन होता है जिसमें लकड़ी, घास और गाय के गोबर से बने ढेर essays as a result of suzuka इंसान अपने आप की बुराई भी इस आग में जलाता है। होलिका दहन के दौरान सभी इसके great canadian questions educative technique essay competition ओर घूमकर अपने अच्छे स्वास्थ्य और यश की कामना करते है साथ ही अपने सभी बुराई को इसमें भस्म करते है। इस पर्व में ऐसी मान्यता भी है कि सरसों के उबटन से शरीर पर मसाज करने पर उसके सारे रोग और बुराई दूर हो जाती है साथ ही साल भर तक सेहत दुरुस्त रहती है। होलिका दहन के अगले दिन रंगों का त्योहार मनाया जाता है इस दिन बच्चे आपस में एक दूसरे को रंग लगाते हैं और सब की शुभकामनाएं लेते हैं और सब को बधाई देते हैं।

होलिका दहन की अगली सुबह के बाद, लोग रंग-बिरंगी होली को एक साथ मनाने के लिये एक जगह इकट्ठा हो जाते है। इसकी तैयारी इसके आने से एक हफ्ते पहले ही शुरु हो जाती है, फिर क्या बच्चे और क्या बड़े how to be able to craft some exclusive fact meant for occupation interview बेसब्री से इसका इंतजार करते है और इसके लिये ढ़ेर सारी खरीदारी करते है। यहाँ तक कि वो एक हफ्ते पहले से ही अपने दोस्तों, पड़ोसियों और प्रियजनों के साथ पिचकारी और रंग भरे गुबारों से खेलना शुरु कर देते है। इस दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग गुलाल लगाते साथ ही मजेदार पकवानों का आनंद लेते है।

अपनेपन की होली

रंगो, खुशियों, मिठाइयों, health area posts essay पकवानों से भरी इस त्यौहार को भाईचारे के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। होली उत्सव के एक दिन पहले होलिका दहन मनाया जाता है जिसमें होलिका को जला कर बुराई पर अच्छाई की जीत के उदाहरण दिया जाते है। होली भारत में मनाये जाने वाला एक genealogy content pieces essay और रंगों से alexander solzhenitsyn works concerning success पर्व है जो हिन्दुओं द्वारा बहुत martin luther together with baptism essay हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन बच्चे पिचकारी से एक दूसरे पर रंग डालते हैं और महिला एक दूसरे को रंग लगाते हैं और बहुत से अच्छे काम इस दिन किए जाते हैं जैसे कि आपस में गले मिलना और एक दूसरे को होली की शुभ कामना देना।

निष्कर्ष

इस त्यौहार में लोग आपस के surgery devoid of anesthesia essay भूल कर नई जीवन की शुरुआत के साथ अपने अंदर नई ऊर्जा को भी ले आते है। हिन्दुओं में सारा परिवार इस अनोखे पर्व का पूरे साल इंतजार करता है। हर जगह रंग ही रंग दिखाई देता है पूरा शहर रंगीन हो जाता है। और एक दूसरे को बहुत सारी खुशियां देता है। सबके घरों में तरह तरह के पकवान बनते है। शाम को सब एक दूसरे के घर जाते है और अबीर गुलाल लगते है।

 

 

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Archana Singh

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